देश भर में आवश्यक चिकित्सा आपूर्ति के लिए लाइफलाइन उड़ान के तहत 274 उड़ानें संचालित की गईं

कोविड-19 के खिलाफ भारत की लड़ाई में सहयोग करने के लिए देश के दूरदराज के हिस्सों में आवश्यक चिकित्सा आपूर्ति के परिवहन के लिए नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा ‘लाइफलाइन उड़ान’ उड़ानें संचालित की जा रही हैं। लाइफलाइन उड़ान के अंतर्गत एयर इंडिया, अलायंस एयर, आईएएफ और निजी विमान कंपनियों द्वारा 274 उड़ानें संचालित की गई हैं। इन उड़ानों में से 175 एयर इंडिया और अलायंस एयर द्वारा संचालित की गई हैं। इनमें अब तक ले जाया गया कार्गो लगभग 463.15 टन रहा है। लाइफलाइन उड़ान की अब तक की हवाई दूरी 2,73,275 किमी से अधिक रही है।

लाइफलाइन उड़ान की उड़ानों का तिथि-वार ब्यौरा निम्नानुसार है:

क्र.सं.दिनांकएयर इंडियाअलायंसआईएएफइंडिगोस्पाइसजैटकुल
26.3.2020224
27.3.202049114
28.3.202048618
29.3.202049619
30.3.2020437
31.3.202092112
01.4.202033410
02.4.202045312
03.4.20208210
04.4.20204329
05.4.20201616
06.4.2020341320
07.4.20204239
08.4.2020336
09.4.202048113
10.4.20202428
11.4.2020541827
12.4.2020224
13.4.20203339
14.4.2020454 13
15.4.2020257
16.4.20209615
17.4.20204812
 कुल91849162274

 

पवन हंस लिमिटेड समेत हेलीकाप्टर सेवाएं जम्मू एवं कश्मीर, लद्दाख, द्वीप और पूर्वोत्तर क्षेत्र में महत्वपूर्ण चिकित्सा कार्गो और रोगियों के परिवहन का काम कर रही हैं।

घरेलू लाइफलाइन उड़ान की उड़ानें हब और स्पोक मॉडल में काम करती हैं। कार्गो केंद्र दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, हैदराबाद, बैंगलोर और गुवाहाटी में स्थापित किए गए हैं। लाइफलाइन उड़ान की उड़ानें इन केंद्रों को डिब्रूगढ़, अगरतला, ऐजवाल, दीमापुर, इम्फाल, जोरहाट, लेंगपुई, मैसूरू, नागपुर, कोयंबटूर, त्रिवेंद्रम, भुवनेश्वर, रायपुर, रांची, श्रीनगर, पोर्ट ब्लेयर, पटना, कोचीन, विजयवाड़ा, अहमदाबाद, जम्मू, कारगिल, लद्दाख, चंडीगढ़, गोवा, भोपाल और पुणे के हवाई अड्डों (स्पोक्स) से जोड़ती हैं। इसमें विशेष ध्यान पूर्वोत्तर क्षेत्र, द्वीप क्षेत्रों और पहाड़ी राज्यों पर दिया गया है। एयर इंडिया और आईएएफ ने मुख्य रूप से जम्मू एवं कश्मीर, लद्दाख, पूर्वोत्तर और अन्य द्वीप क्षेत्रों के लिए सहयोग किया।

घरेलू कार्गो संचालक स्पाइसजेट, ब्लू डार्ट और इंडिगो वाणिज्यिक आधार पर कार्गो उड़ानें संचालित कर रहे हैं। स्पाइसजेट ने 24 मार्च से 17 अप्रैल 2020 के दौरान 393 कार्गो उड़ानों का संचालन किया, जिसमें 5,64,691 किमी की दूरी तय की गई और 3183 टन माल ढोया गया। इनमें से 126 अंतर्राष्ट्रीय कार्गो उड़ानें थीं। ब्लू डार्ट ने 25 मार्च से 17 अप्रैल 2020 के दौरान 1,32,295 किमी की दूरी को कवर करते हुए 134 घरेलू कार्गो उड़ानों का संचालन किया और 2122 टन कार्गो का परिवहन किया। इंडिगो ने 3-17 अप्रैल 2020 के दौरान 29 कार्गो उड़ानों का संचालन किया है, जिसमें 26,698 किमी की दूरी तय की गई और 31 टन कार्गो ढोया गया। इसमें सरकार के लिए मुफ्त में ढोई गई चिकित्सा आपूर्ति भी शामिल है।

अंतर्राष्ट्रीय क्षेत्रः– दवा, चिकित्सा उपकरण और कोविड-19 राहत सामग्री के परिवहन के लिए 4 अप्रैल 2020 के प्रभाव से एक वायु-पुल की स्थापना की गई है। जो मेडिकल कार्गो लाया गया उसकी तिथि-वार मात्रा निम्नानुसार है:

क्र. सं.दिनांककहां सेमात्रा (टनों में)
104.4.2020शंघाई21
207.4.2020हॉन्ग कॉन्ग06
309.4.2020शंघाई22
410.4.2020शंघाई18
511.4.2020शंघाई18
612.4.2020शंघाई24
714.4.2020हॉन्ग कॉन्ग11
814.4.2020शंघाई22
916.4.2020शंघाई22
1016.4.2020हॉन्ग कॉन्ग17
1116.4.2020सियोल05
1217.4.2020संघाई21
  कुल207

 

एयर इंडिया ने कृषि उड़ान कार्यक्रम के अंतर्गत 15 अप्रैल 2020 को मुंबई और फ्रैंकफर्ट के बीच अपनी दूसरी उड़ान का संचालन किया। इसमें 27 टन मौसमी फल और सब्जियां फ्रैंकफर्ट ले जाए गए और 10 टन सामान्य कार्गो के साथ ये उड़ान वापस लौटी। एयर इंडिया ने कृषि उड़ान कार्यक्रम की पहली उड़ान का संचालन 13 अप्रैल को मुंबई और लंदन के बीच किया था जो 28.95 टन फल और सब्जियां लंदन लेकर गई और 15.6 टन सामान्य कार्गो सामग्री के साथ वापस लौटी। एयर इंडिया आवश्यकता के अनुसार महत्वपूर्ण चिकित्सा आपूर्ति के हस्तांतरण के लिए अन्य देशों को समर्पित तय कार्गो उड़ानों का संचालन करेगी। एयर इंडिया ने ऐसी पहली उड़ान का संचालन 15 अप्रैल 2020 को दिल्ली-सेशेल्स-मॉरीशस-दिल्ली के बीच किया जिसमें सेशेल्स 3.4 टन और मॉरीशस 12.6 टन मेडिकल आपूर्ति ले जाई गई।