भारत ने एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल कर अब तक 2,02,02,858 कोविड-19 सैंपल का परीक्षण (टेस्टिंग) सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। यह कोविड-19 से निपटने के लिए केंद्र के मार्गदर्शन में राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारों द्वारा इस अत्यंत कारगर रणनीति को अपनाने से ही संभव हो पाया है – ‘आक्रामक तरीके से परीक्षण करें, मरीज के संपर्क में आए लोगों का कुशलतापूर्वक पता लगाएं और तुरंत आइसोलेट एवं उपचार करें’। इस दृष्टिकोण पर प्रभावकारी ढंग से अमल करने से देश भर में टेस्टिंग क्षमता काफी बढ़ गई है और इसकी बदौलत लोगों के व्यापक कोविड परीक्षण में भी काफी आसानी हो रही है।
पिछले 24 घंटों में 3,81,027 सैंपल का परीक्षण होने के साथ ही टेस्ट प्रति मिलियन (टीपीएम) की संख्या बढ़कर 14640 के आंकड़े को छू गई है। मौजूदा समय में, भारत में प्रति मिलियन कोविड टेस्टिंग की संख्या 14640 है। देश भर में टीपीएम में निरंतर वृद्धि का रुख देखा जा रहा है जो तेजी से विस्तृत होते टेस्टिंग नेटवर्क को दर्शाता है। एक और विशेष बात यह है कि 24 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में प्रति मिलियन आबादी पर कोविड टेस्ट की संख्या राष्ट्रीय औसत से कहीं अधिक आंकी गई है।

देश में टेस्टिंग लैब नेटवर्क निरंतर विस्तृत एवं मजबूत हो रहा है। देश भर में 1348 लैब हैं जिनमें से 914 लैब सरकारी क्षेत्र में और 434 लैब निजी क्षेत्र में हैं। इनमें निम्नलिखित शामिल है:
• वास्तविक समय में आरटी पीसीआर आधारित टेस्टिंग लैब: 686 (सरकारी 418 + निजी: 268)
• ट्रूनैट आधारित टेस्टिंग लैब : 556 (सरकारी: 465 + निजी: 91)
• सीबीनैट आधारित टेस्टिंग लैब: 106 (सरकारी: 31 + निजी: 75)

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