भूपेन्द्र पटेल की सरकार नर्मदा नहर के सिंचाई क्षेत्र को छुपा रही है

दिलीप पटेल

अहमदाबाद, 10 जून 2026

गुजरात सरकार का सिंचाई विभाग नर्मदा से सिंचाई की डिटेल्स छिपा रहा है। उसने 2020 से खेतों में असल में कितनी सिंचाई हो रही है, इसकी डिटेल्स बताना बंद कर दिया है। अब वह सिंचाई वाले इलाकों को संभावित सिंचाई के तौर पर दिखाता है। लेकिन असल में कितनी सिंचाई हो रही है, इसकी डिटेल्स नहीं बताता।

नर्मदा डैम की नहरों से पानी मांगने वाली सिंचाई सोसाइटियों की डिटेल्स बतानी चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं किया जा रहा है। सोसाइटियों ने सिंचाई के लिए कितना पैसा दिया है, इसकी डिटेल्स नहीं देता।

कोरोना की वजह से उसने आंकड़े देना बंद कर दिया है।

गुजरात में, 2019 से 2026 तक सिंचाई, जल संसाधन, जल आपूर्ति विभाग मुख्य रूप से सिंचाई मंत्री के तौर पर कुवरजी बावलिया के पास था।

इससे पहले, कैबिनेट में सिंचाई के इंचार्ज जय नारायण व्यास, नरोत्तम पटेल, बाबू बोखिरिया, नितिन पटेल, पर्वत पटेल, चालू कुंवरजी बलालिया रह चुके हैं।

ओरिजिनल अप्रूव्ड कॉस्ट Rs. 6,406 करोड़ थी।
रिवाइज्ड ऑफिशियल प्रोजेक्ट कॉस्ट Rs. 33,413 करोड़ दिखाती है। 2025 तक रजिस्टर्ड कॉस्ट लगभग Rs. 31,800 करोड़ दिखाती है। लेकिन डैम, पूरा नर्मदा कैनाल सिस्टम, कर्ज, इंटरेस्ट मिलाकर कॉम्प्रिहेंसिव एस्टीमेट Rs. 60 से 70 हजार करोड़ से ज्यादा हो सकता है।

वाटर रिसोर्स डिपार्टमेंट का बजट 2021 में Rs. 8 हजार करोड़ से बढ़कर 2026 में Rs. 13 हजार करोड़ हो गया है।

तालाब बनाने के बजाय, सरकार पाइपलाइन की बात करती है।

झीलों में डाला गया पानी सिंचाई माना जाता है। 194 झीलों और 6 छोटे सिंचाई प्रोजेक्ट्स में नर्मदा का पानी पहुंचाने के लिए Rs. 451.67 करोड़ का प्लान अप्रूव किया गया था। कहा जाता है कि लगभग 5,492 हेक्टेयर जमीन की सिंचाई हो रही है।

यह एक फ्रॉड है।

यहां कुल 1 करोड़ 9 हज़ार हेक्टेयर खेती की ज़मीन है, जिसमें 53 हज़ार किसान हैं।

जिसमें बोर, कुएँ, झील, नहरों से कुल 53 लाख हेक्टेयर में सिंचाई होती है।

45 लाख हेक्टेयर ऐसी है जिसमें एक बार सिंचाई होती है।

2 लाख 58 हज़ार हेक्टेयर ऐसी है जिसमें दो बार सिंचाई होती है।

जिस एरिया में सिंचाई नहीं होती है वह 52 लाख हेक्टेयर है।

2026 के आंकड़े बताते हैं कि 18 लाख 500 हेक्टेयर में नहरों से सिंचाई होती है।

जबकि 19 लाख हेक्टेयर में कुओं से और 18 लाख हेक्टेयर में दूसरे कुओं से सिंचाई होती है।

63 लाख हेक्टेयर में सभी तरह की सिंचाई होती है।

असल में, सिंचाई
2008 में नर्मदा समेत सभी डैम से नहरों से सिंचाई का एरिया 8 लाख 56 हज़ार हेक्टेयर था।

2023 में सभी डैम की नहरों का कुल सिंचाई एरिया बढ़कर 18 लाख 52 हज़ार हेक्टेयर हो गया है।

इसका मतलब है कि नर्मदा समेत सभी डैम से नहर सिंचाई में 15 साल में 10 लाख हेक्टेयर की बढ़ोतरी हुई है।

15 साल में नहर सिंचाई बढ़ी
जिला 2008 – 2023 – बढ़ोतरी
सुरेंद्रनगर 35300 – 150000 – 1,14,700
मोरबी ***** – 115800 – 100000
अहमदाबाद 53900 – 91700 – 37,800
बनासकांठा 16300 – 135300 – 1,19,000
वडोदरा 32400 – 110800 – 78,400
छोटा उदयपुर ***** – 19200 – 0000
नर्मदा 9500 – 16700 – 7,200
गांधीनगर 3300 – 12100 – 8,800
डांग 0 – 0 भरूच 53900 – 52900 – 000 खेड़ा 51800 – 73700 – 21,900 आणंद 68900 – 112000 – 43,100 मेहसाणा 45300 – 91900 – 46,600 पाटन 5300 – 84600 – 79,300 पंचमहल 23800 – 17100 – 000 दाहोद 1100 – 32400 – 000 साबरकांठा 23100 – 32800 – 9,700 महिसागर ***** – 39900 – 30,000 अरावली ***** – 31700 – 15000 भावनगर 86800 – 61100 – 000
बोटाड ***** – 21200 – 000
कच्छ 29200 – 123000 – 93,800
राजकोट 25000 – 69700 – 44,700

कुल सिंचाई 6,00200 – 16,50200 – 10,50,000 (9,74,400)

नर्मदा के अलावा दूसरे जिले
वलसाड 11000 – 42000
नवसारी 68900 – 45600
सूरत 136900 – 90400
तापी 11200 – 38800
अमरेली 7800 – 28300
जामनगर 21600 – 49200
द्वारका ***** – 5700
जूनागढ़ 34000 – 27200
सोमनाथ ***** – 25800
पोरबंदर 0 – 4500

कुल 856300 – 1852900 (गुजराती से गूगल अऩुवाद, मूल अहेवाल देंखे)