गुजरात का सोशियो-इकोनॉमिक सर्वे, 2025-2026

” (बजट पब्लिकेशन नंबर 34)** का एक ज़रूरी डॉक्यूमेंट है। यह रिपोर्ट फरवरी-2026 में जनरल एडमिनिस्ट्रेशन डिपार्टमेंट (प्लानिंग) के तहत इकोनॉमिक्स एंड स्टैटिस्टिक्स, गांधीनगर के डायरेक्टर के ऑफिस ने तैयार की है।

इस फ़ाइल में शामिल सभी मुख्य डिटेल्स और इंडेक्स पूरी तरह से नीचे दिए गए हैं:

1. इंट्रोडक्शन और स्ट्रक्चर

यह पब्लिकेशन साल 2024-25 और 2025-26 के दौरान राज्य की मुख्य सोशियो-इकोनॉमिक एक्टिविटीज़ और राज्य की इकोनॉमी के अलग-अलग सेक्टर्स में हासिल की गई अचीवमेंट्स की आउटलाइन पेश करता है। रिपोर्ट को 4 मुख्य हिस्सों में बांटा गया है:

पार्ट-1: इंडियन इकोनॉमी और राज्य की इकोनॉमी का ओवरव्यू।

पार्ट-2: राज्य की इकोनॉमी के ज़रूरी सेक्टर्स पर लेटेस्ट उपलब्ध जानकारी।

पार्ट-3: डिटेल्ड स्टैटिस्टिकल टेबल्स।

पार्ट-4: राज्य और देश के मुख्य इंडिकेटर्स पर जानकारी।

—2. मेन कंटेंट और इंडेक्स (इंडेक्स) पार्ट-1: इकॉनमी का ओवरव्यू (इकोनॉमिक ओवरव्यू) 1. इंडियन इकॉनमी: इंटरनेशनल लेवल पर इंडिया की इकॉनमिक सिचुएशन और अलग-अलग ग्लोबल ऑर्गनाइज़ेशन (IMF, वर्ल्ड बैंक, NSO, UNCTAD) की रिपोर्ट।

2. गुजरात इकॉनमी: स्टेट के ग्रोथ रेट, पर कैपिटा इनकम और इंडस्ट्रियल शेयर की जानकारी।

3. गुजरात स्टेट के ज़रूरी इंडिकेटर: सोशल और इकॉनमिक डेवलपमेंट के मुख्य आंकड़े। पार्ट-2: सेक्टर-वाइज़ इकॉनमिक और सोशल रिव्यू।

पॉपुलेशन: सेंसस-2011 पर आधारित एनालिसिस।

स्टेट डोमेस्टिक प्रोडक्ट: मौजूदा और स्थिर कीमतों पर GDP के आंकड़े।

एग्रीकल्चर और उससे जुड़े सेक्टर:

एग्रीकल्चर (फसल प्रोडक्शन और बारिश)।

हॉर्टिकल्चर (फल और सब्जियां)।

इरिगेशन (माइक्रो इरिगेशन के तरीके)।

एनिमल हस्बैंड्री (दूध, अंडा और ऊन प्रोडक्शन)।

फिशरीज़ (समुद्री और इनलैंड प्रोडक्शन)।

कोऑपरेटिव्स और फॉरेस्ट और एनवायरनमेंट।

इंडस्ट्रीज़, मिनरल्स और रोज़गार:
इंडस्ट्रीज़ का सालाना सर्वे (ASI) और MSME रजिस्ट्रेशन।
कॉटेज और विलेज इंडस्ट्रीज़।
मिनरल प्रोडक्शन और रोज़गार-ट्रेनिंग (ITI का स्टेटस)।
इंफ्रास्ट्रक्चर:
गुजरात इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट बोर्ड (GIDB)।
बिजली (इंस्टॉल्ड कैपेसिटी और कंजम्पशन), रेलवे और सड़कें।
मोटर व्हीकल और गुजरात स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (GSRTC)।
सिविल एविएशन (एयरपोर्ट और पैसेंजर), पोर्ट और वॉटर सप्लाई।
पोस्ट-कम्युनिकेशन और बैंकिंग फैसिलिटीज़।
सोशल सेक्टर:
ह्यूमन डेवलपमेंट, एजुकेशन (प्राइमरी, सेकेंडरी और हायर एजुकेशन का स्टेटस)।
हेल्थ और फैमिली वेलफेयर (मेडिकल इंस्टीट्यूशन और वैक्सीनेशन)।
महिला और बाल विकास (पोषण सुधा और मुख्यमंत्री मातृशक्ति योजना)।
अर्बन डेवलपमेंट, रूरल डेवलपमेंट, ट्राइबल डेवलपमेंट और शेड्यूल्ड कास्ट/डेवलपिंग कास्ट का वेलफेयर।
सोशल सिक्योरिटी।
दूसरे सेक्टर:
साइंस और टेक्नोलॉजी (सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स इकोसिस्टम)। पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम (PDS), पब्लिक फाइनेंस, प्लानिंग और प्राइस इंडेक्स (CPI/WPI)।
गुजरात स्टेट डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (GSDMA) और टूरिज्म।—3. मुख्य आर्थिक बातें भारतीय अर्थव्यवस्था:
IMF के वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक (अप्रैल-2025) के अनुसार, भारत 4.18 ट्रिलियन USD की GDP के साथ जापान को पीछे छोड़कर दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। अगले 2.5 से 3 सालों में इसके जर्मनी को पीछे छोड़कर तीसरे स्थान पर पहुंचने का अनुमान है।
साल 2030 तक भारत की GDP 7.3 ट्रिलियन USD तक पहुंचने की उम्मीद है।
NSO और MoSPI के अनुमानों के अनुसार, फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के दौरान भारत की रियल GDP ग्रोथ रेट 7.4% रहने का अनुमान है।
वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट के अनुसार, साल 2025-26 के लिए भारत की ग्रोथ रेट 7.2% रहने का अनुमान है। फाइनेंशियल ईयर 2013-14 में भारत में फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट (FDI) 36.05 बिलियन USD था, जो 2024-25 में बढ़कर 80.62 बिलियन USD हो गया है। सर्विसेज सेक्टर 19% शेयर के साथ टॉप पर है।
ह्यूमन डेवलपमेंट इंडेक्स (HDI) 2025 रिपोर्ट में, भारत 193 देशों में 130वें स्थान पर है और इसकी वैल्यू 0.676 से बढ़कर 0.685 हो गई है।
ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स (GII) 2025 में भारत 38वें स्थान पर है।
गुजरात की इकॉनमी:
गुजरात में देश की कुल आबादी का सिर्फ़ 5 परसेंट हिस्सा है, लेकिन यह देश की इकॉनमी में लगभग 8.3 परसेंट का योगदान देता है।
नेशनल इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन में गुजरात का हिस्सा सबसे बड़ा है, यानी 18 परसेंट से ज़्यादा।
राज्य की पर कैपिटा इनकम नेशनल एवरेज से लगभग 1.7 गुना ज़्यादा है। आबादी के हिसाब से गुजरात देश में 10वें और एरिया के हिसाब से 5.97 परसेंट पर है।
पशुपालन और खेती:
गुजरात भारत में दूध प्रोडक्शन में चौथा सबसे बड़ा और ऊन प्रोडक्शन में दूसरा सबसे बड़ा योगदान देने वाला राज्य है।
साल 2024-25 में, देश के कुल दूध प्रोडक्शन में गुजरात का हिस्सा 7.78 परसेंट और ऊन प्रोडक्शन में 6.22 परसेंट था। भारत सरकार की गाइडलाइंस के मुताबिक, राज्य में 21वीं पशुधन जनगणना सफलतापूर्वक पूरी हो गई है।—4. ज़रूरी सोशल वेलफेयर स्कीम महिला और बाल विकास:

पोषण सुधा योजना: इस स्कीम के तहत, आदिवासी इलाकों की गर्भवती और दूध पिलाने वाली माताओं को आंगनवाड़ी सेंटरों पर दिन में एक बार पूरा पौष्टिक खाना, आयरन और कैल्शियम की गोलियां दी जाती हैं। साल 2025-26 के लिए 89.65 करोड़ रुपये का बजट प्रोविजन किया गया है। मुख्यमंत्री मातृशक्ति योजना (MMY): आंगनवाड़ी सेंटर के ज़रिए खास पौष्टिक खाना दिया जाता है, जिसका फोकस ज़िंदगी के पहले 1000 दिनों (गर्भधारण से लेकर बच्चे के दूसरे जन्मदिन तक) पर होता है, ताकि माँ और बच्चे की सेहत बनी रहे।

PMMVY 2.0: साल 2025-26 (अक्टूबर-2025 तक) में 3.10 लाख से ज़्यादा बेनिफिशियरी को सीधे 93.80 करोड़ रुपये का फायदा दिया गया है।
ग्रामीण और ट्राइबल हाउसिंग:

PM-JANMAN स्कीम: इस स्कीम के तहत, खास तौर पर कमज़ोर ट्राइबल ग्रुप के लिए घर मंज़ूर किए जाते हैं। फाइनेंशियल ईयर 2024-25 में, इस स्कीम के लिए 163.99 करोड़ रुपये के प्रोविज़न के मुकाबले 119.05 करोड़ रुपये खर्च किए गए। साल 2025-26 में भी, नवंबर-2025 तक 3,198 हाउसिंग यूनिट पूरी हो चुकी हैं।
डिजास्टर मैनेजमेंट:
राज्य के सभी 33 जिलों में ‘डिस्ट्रिक्ट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर’ (DEOC) बनाए गए हैं। राजकोट, वडोदरा, सूरत, गांधीधाम और गांधीनगर में 5 ‘रीजनल इमरजेंसी रिस्पॉन्स सेंटर’ (RERC) काम कर रहे हैं ताकि कुदरती और इंसानों की बनाई आपदाओं से तुरंत राहत मिल सके।—5. डिटेल्ड स्टैटिस्टिकल टेबल्स की लिस्ट (स्टैटिस्टिकल टेबल्स इंडेक्स) डिटेल्ड तुलना के लिए रिपोर्ट के आखिर में टेबल्स दिए गए हैं: टेबल्स 1.1 से 1.13: ज़िले के हिसाब से आबादी और दिव्यांगों के आंकड़े और 2036 तक अनुमानित आबादी।

टेबल्स 2.1 से 2.5: इंडस्ट्रियल ग्रुप के हिसाब से मौजूदा और स्थिर कीमतों पर राज्य का नेट/ग्रॉस डोमेस्टिक प्रोडक्ट।

टेबल्स 3.1 से 3.10: ज़िले के हिसाब से बारिश, मुख्य फसलों और बागवानी फसलों का एरिया, दूध और जानवरों के इलाज के सेंटर्स की जानकारी।

टेबल्स 6.1 से 6.11: ज़िले के हिसाब से फैक्ट्रियों की संख्या, रोज़गार, हड़ताल-तालाबंदी के आंकड़े और आर्थिक कैलकुलेशन की डिटेल्स। शीट 8.1 से 8.4: बिजली की इंस्टॉल्ड कैपेसिटी, बिजली की खपत और ग्रामीण बिजलीकरण की प्रोग्रेस।

शीट 11.1 से 11.8: एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन के जिलेवार आंकड़े, ड्रॉप-आउट रेट और SSC/HSC परीक्षा के नतीजे।

शीट 15.1 से 16.4: होलसेल और कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI/WPI) और राज्य सरकार की बजटीय स्थिति, रेवेन्यू-खर्च और इनकम टैक्स के आंकड़े।

यह फ़ाइल गुजरात सरकार द्वारा पब्लिश किए गए “सोशियो-इकोनॉमिक सर्वे, 2025-2026” (बजट पब्लिकेशन नंबर 34) का एक ज़रूरी डॉक्यूमेंट है। यह रिपोर्ट फरवरी-2026 में जनरल एडमिनिस्ट्रेशन डिपार्टमेंट (प्लानिंग) के तहत इकोनॉमिक्स एंड स्टैटिस्टिक्स, गांधीनगर के डायरेक्टर के ऑफिस द्वारा तैयार की गई है। इस फ़ाइल में शामिल सभी मुख्य डिटेल्स और इंडेक्स नीचे दिए गए हैं:1. इंट्रोडक्शन और स्ट्रक्चर यह पब्लिकेशन साल 2024-25 और 2025-26 के दौरान राज्य की मुख्य सोशियो-इकोनॉमिक एक्टिविटीज़ और राज्य की इकॉनमी के अलग-अलग सेक्टर में मिली अचीवमेंट्स की आउटलाइन दिखाता है। रिपोर्ट को 4 मुख्य हिस्सों में बांटा गया है:
पार्ट-1: इंडियन इकॉनमी और राज्य की इकॉनमी का ओवरव्यू।पार्ट-2: राज्य की इकॉनमी के ज़रूरी सेक्टर पर लेटेस्ट उपलब्ध जानकारी।पार्ट-3: डिटेल्ड स्टैटिस्टिकल शीट।पार्ट-4: राज्य और देश के मुख्य इंडिकेटर्स पर जानकारी।—2. मुख्य कंटेंट और इंडेक्स (इंडेक्स)पार्ट-1: इकॉनमी का ओवरव्यू (इकोनॉमिक ओवरव्यू)1. इंडियन इकॉनमी: भारत की इंटरनेशनल इकॉनमिक सिचुएशन और अलग-अलग ग्लोबल ऑर्गनाइज़ेशन (IMF, वर्ल्ड बैंक, NSO, UNCTAD) की रिपोर्ट।
2. गुजरात की इकॉनमी: राज्य की ग्रोथ रेट, पर कैपिटा इनकम और इंडस्ट्रियल शेयर पर जानकारी।
3. गुजरात राज्य के ज़रूरी इंडिकेटर्स: सोशल और इकॉनमिक डेवलपमेंट के मुख्य स्टैटिस्टिक्स। पार्ट-2: सेक्टर-वाइज़ इकोनॉमिक और सोशल रिव्यू
पॉपुलेशन: सेंसस-2011 पर आधारित एनालिसिस। स्टेट डोमेस्टिक प्रोडक्ट: मौजूदा और स्थिर कीमतों पर GDP के आंकड़े।
एग्रीकल्चर और उससे जुड़े सेक्टर:
एग्रीकल्चर (फसल प्रोडक्शन और रेनफेड)।
हॉर्टिकल्चर (फल और सब्जियां)।
इरिगेशन (माइक्रो इरिगेशन मेथड्स)।
एनिमल हस्बैंड्री (दूध, अंडा और ऊन प्रोडक्शन)।
फिशरीज़ (समुद्री और इनलैंड प्रोडक्शन)।
कोऑपरेशन के साथ-साथ फॉरेस्ट और एनवायरनमेंट।
इंडस्ट्रीज़, मिनरल्स और एम्प्लॉयमेंट:
इंडस्ट्रीज़ का एनुअल सर्वे (ASI) और MSME रजिस्ट्रेशन।
कॉटेज और विलेज इंडस्ट्रीज़।
मिनरल प्रोडक्शन और एम्प्लॉयमेंट-ट्रेनिंग (ITI का स्टेटस)।
इंफ्रास्ट्रक्चर:
गुजरात इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट बोर्ड (GIDB)।
इलेक्ट्रिसिटी (इंस्टॉल्ड कैपेसिटी और कंजम्प्शन), रेलवे और रोड्स।
मोटर व्हीकल और गुजरात स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (GSRTC)।
सिविल एविएशन (एयरपोर्ट्स और पैसेंजर्स), पोर्ट्स और वॉटर सप्लाई। पोस्ट-कम्युनिकेशन और बैंकिंग सुविधाएं।
सोशल सेक्टर:
ह्यूमन डेवलपमेंट, एजुकेशन (प्राइमरी, सेकेंडरी और हायर एजुकेशन का स्टेटस)।
हेल्थ और फैमिली वेलफेयर (मेडिकल इंस्टीट्यूशन और वैक्सीनेशन)।
महिला और बाल विकास (पोषण सुधा और मुख्यमंत्री मातृशक्ति योजना)।
अर्बन डेवलपमेंट, रूरल डेवलपमेंट, ट्राइबल डेवलपमेंट और शेड्यूल्ड कास्ट/डेवलपिंग ट्राइब्स का वेलफेयर।
सोशल सिक्योरिटी।
दूसरे सेक्टर:
साइंस और टेक्नोलॉजी (सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स इकोसिस्टम)।
पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम (PDS), पब्लिक फाइनेंस मैनेजमेंट, प्लानिंग और प्राइस इंडेक्स (CPI/WPI)।
गुजरात स्टेट डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (GSDMA) और टूरिज्म।—3. मुख्य इकोनॉमिक हाइलाइट्स इंडियन इकोनॉमी:
IMF के वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक (अप्रैल-2025) के अनुसार, इंडिया 4.18 ट्रिलियन USD की GDP के साथ जापान को पीछे छोड़कर दुनिया की चौथी सबसे बड़ी इकोनॉमी बन गया है। अगले 2.5 से 3 साल में इसके जर्मनी को पीछे छोड़कर तीसरे नंबर पर पहुंचने का अनुमान है।
साल 2030 तक भारत की GDP 7.3 ट्रिलियन USD तक पहुंचने की संभावना है।
NSO और MoSPI के अनुमान के मुताबिक, फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के दौरान भारत की रियल GDP ग्रोथ रेट 7.4 परसेंट रहने का अनुमान है।
वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2025-26 के लिए भारत की ग्रोथ रेट 7.2 परसेंट रहने का अनुमान है।
फाइनेंशियल ईयर 2013-14 में भारत में फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट (FDI) 3 था।

6.05 बिलियन USD, जो 2024-25 में बढ़कर 80.62 बिलियन USD हो गया है। सर्विस सेक्टर 19% शेयर के साथ पहले नंबर पर है।
ह्यूमन डेवलपमेंट इंडेक्स (HDI) 2025 रिपोर्ट में 193 देशों में भारत 130वें नंबर पर है और इसकी वैल्यू 0.676 से बढ़कर 0.685 हो गई है।
ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स (GII) 2025 में भारत 38वें नंबर पर है।
गुजरात की इकॉनमी:
गुजरात में देश की कुल आबादी का सिर्फ़ 5 परसेंट रहता है, लेकिन यह देश की इकॉनमी में लगभग 8.3 परसेंट का योगदान देता है।
नेशनल इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन में गुजरात का हिस्सा सबसे ज़्यादा है, यानी 18 परसेंट से ज़्यादा।
राज्य की प्रति व्यक्ति आय नेशनल एवरेज से लगभग 1.7 गुना ज़्यादा है।
आबादी के मामले में गुजरात देश में 10वें और एरिया के मामले में 5.97 परसेंट रैंक पर है। पशुपालन और खेती:
गुजरात भारत में दूध प्रोडक्शन में चौथा सबसे बड़ा और ऊन प्रोडक्शन में दूसरा सबसे बड़ा योगदान देने वाला राज्य है।
साल 2024-25 में, देश के कुल दूध प्रोडक्शन में गुजरात का हिस्सा 7.78 परसेंट और ऊन प्रोडक्शन में 6.22 परसेंट था। भारत सरकार की गाइडलाइंस के मुताबिक, राज्य में 21वीं पशुधन जनगणना सफलतापूर्वक पूरी हो गई है।—4. ज़रूरी सोशल वेलफेयर स्कीम महिला और बाल विकास:

पोषण सुधा योजना: इस स्कीम के तहत, आदिवासी इलाकों की गर्भवती और दूध पिलाने वाली माताओं को आंगनवाड़ी सेंटरों पर दिन में एक बार पूरा पौष्टिक खाना, आयरन और कैल्शियम की गोलियां दी जाती हैं। साल 2025-26 के लिए, 89.65 करोड़ रुपये का बजट प्रोविजन किया गया है। मुख्यमंत्री मातृशक्ति योजना (MMY): मां और बच्चे की सेहत के लिए जीवन के पहले 1000 दिनों (गर्भधारण से बच्चे के दूसरे जन्मदिन तक) पर फोकस करते हुए आंगनवाड़ी सेंटरों के ज़रिए खास पौष्टिक खाना दिया जाता है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना 2.0 (PMMVY 2.0): साल 2025-26 (अक्टूबर-2025 तक) में, 3.10 लाख से ज़्यादा बेनिफिशियरी को सीधे 93.80 करोड़ रुपये का फायदा दिया गया है।
ग्रामीण और आदिवासी आवास:

PM-जनमन योजना: इस स्कीम के तहत, खास तौर पर कमजोर आदिवासी ग्रुप के लिए घर मंजूर किए जाते हैं। फाइनेंशियल ईयर 2024-25 में, इस स्कीम के लिए 163.99 करोड़ रुपये के प्रोविजन के मुकाबले 119.05 करोड़ रुपये खर्च किए गए। साल 2025-26 में भी, नवंबर-2025 तक 3,198 घर पूरे हो चुके हैं।
डिजास्टर मैनेजमेंट:
राज्य के सभी 33 जिलों में ‘डिस्ट्रिक्ट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर’ (DEOC) बनाए गए हैं। 5 ‘रीजनल इमरजेंसी रिस्पॉन्स सेंटर’ (RERC) राजकोट, वडोदरा, सूरत, गांधीधाम और गांधीनगर में काम कर रहा है ताकि कुदरती और इंसानों की बनाई आपदाओं से तुरंत राहत मिल सके।—5. डिटेल्ड स्टैटिस्टिकल टेबल्स की लिस्ट (स्टैटिस्टिकल टेबल्स इंडेक्स) डिटेल्ड तुलना के लिए रिपोर्ट के आखिर में टेबल्स दी गई हैं: टेबल्स 1.1 से 1.13: ज़िले के हिसाब से आबादी और दिव्यांगों के आंकड़े और 2036 तक अनुमानित आबादी।

टेबल्स 2.1 से 2.5: इंडस्ट्रियल ग्रुप के हिसाब से मौजूदा और स्थिर कीमतों पर राज्य का नेट/ग्रॉस डोमेस्टिक प्रोडक्ट।

शीट्स 3.1 से 3.10: ज़िले के हिसाब से बारिश, मुख्य फसलों और बागवानी फसलों का एरिया, दूध और जानवरों के हेल्थ सेंटर्स की जानकारी।

शीट्स 6.1 से 6.11: ज़िले के हिसाब से फैक्ट्रियों की संख्या, रोज़गार, हड़ताल-लॉकडाउन के आंकड़े और आर्थिक कैलकुलेशन की डिटेल्स। शीट 8.1 से 8.4: बिजली की इंस्टॉल्ड कैपेसिटी, बिजली की खपत और गांव के बिजलीकरण की प्रोग्रेस।

शीट 11.1 से 11.8: एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन, ड्रॉप-आउट रेट और SSC/HSC एग्जाम रिजल्ट पर जिलेवार स्टैटिस्टिक्स।

शीट 15.1 से 16.4: होलसेल और कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI/WPI) और राज्य सरकार की बजटीय स्थिति, रेवेन्यू-एक्सपेंडिचर और इनकम टैक्स स्टैटिस्टिक्स। आपने जो PDF दिया है। (PDF) फाइल गुजरात सरकार द्वारा जारी “सोशियो-इकोनॉमिक सर्वे, 2025-2026” (बजट पब्लिकेशन नंबर 34) का ऑफिशियल और पूरा डॉक्यूमेंट है। यह रिपोर्ट फरवरी-2026 में जनरल एडमिनिस्ट्रेशन डिपार्टमेंट (प्लानिंग) के तहत इकोनॉमिक्स एंड स्टैटिस्टिक्स, गांधीनगर के डायरेक्टर के ऑफिस द्वारा तैयार की गई है। इस फाइल में शामिल सभी मुख्य चैप्टर, स्टैटिस्टिकल डिटेल्स और इकोनॉमिक रिव्यू मैटर इन शब्दों में पूरी तरह से दिए गए हैं:—1. रिपोर्ट का स्ट्रक्चर और प्रस्तावना (प्रस्तावना और स्ट्रक्चर) यह पब्लिकेशन साल 2024-25 और 2025-26 के दौरान राज्य की मुख्य सोशियो-इकोनॉमिक एक्टिविटीज़ और राज्य की इकॉनमी के अलग-अलग सेक्टर्स में लेटेस्ट अचीवमेंट्स की आउटलाइन पेश करता है। रिपोर्ट को चार मुख्य हिस्सों में बांटा गया है:
पार्ट-1: इंडियन इकॉनमी और स्टेट इकॉनमी का ओवरव्यू।पार्ट-2: स्टेट इकॉनमी के ज़रूरी सेक्टर्स की अप-टू-डेट डिटेल्स।पार्ट-3: डिटेल्ड स्टैटिस्टिकल शीट्स (A-1 से A-98)।पार्ट-4: स्टेट और देश के मुख्य इंडिकेटर्स की कम्पेरेटिव शीट्स।—2. मेन सेक्टर-वाइज़ कंटेंट और चैप्टर्स (इंडेक्स ऑफ़ सेक्टर्स)पार्ट-1: इकॉनमी का ओवरव्यू1. इंडियन इकॉनमी: इंटरनेशनल लेवल पर इंडिया की इकॉनमिक सिचुएशन और अलग-अलग ग्लोबल ऑर्गनाइज़ेशन्स की रिपोर्ट्स।
2. गुजरात इकॉनमी: स्टेट ग्रोथ रेट, पर कैपिटा इनकम और देश के डेवलपमेंट में शेयर। 3. गुजरात राज्य के ज़रूरी इंडिकेटर: सामाजिक और आर्थिक तरक्की दिखाने वाले खास आंकड़े। पार्ट-2: सेक्टर के हिसाब से सामाजिक और आर्थिक तरक्की।
आबादी: 2011 की जनगणना के आंकड़े और 2036 तक आबादी का अनुमान।
राज्य का घरेलू प्रोडक्ट: मौजूदा और स्थिर कीमतों पर GDP के आंकड़े। (GSDP)।
कृषि और उससे जुड़े सेक्टर:

कृषि: सालाना बारिश और मुख्य फसलों का एरिया और प्रोडक्टिविटी। बागवानी: फलों, सब्जियों और मसाला फसलों की जानकारी। सिंचाई: माइक्रो सिंचाई सिस्टम (ड्रिप और स्प्रिंकलर सिस्टम) की तरक्की। पशुपालन: दूध, अंडे और ऊन का अनुमानित प्रोडक्शन।

पशुधन और पशुधन जनगणना। मछली पालन: समुद्री और अंदरूनी इलाकों में मछली उत्पादन के आंकड़े। सहयोग, जंगल और पर्यावरण: कोऑपरेटिव सोसाइटियों और जंगल के इलाकों का स्टेटस।

इंडस्ट्रीज़, मिनरल्स और रोज़गार:

इंडस्ट्रीज़ और सर्वे: एंटरप्राइज़ रजिस्ट्रेशन (ASI) के तहत रजिस्टर्ड MSME यूनिट्स और इंडस्ट्रीज़ का सालाना सर्वे।

कॉटेज और विलेज इंडस्ट्रीज़: ग्रामीण लेवल पर चलने वाले छोटे पैमाने के उद्योग।

मिनरल प्रोडक्शन: राज्य में मौजूद बड़े और छोटे मिनरल्स की वैल्यू।

रोज़गार और ट्रेनिंग: एम्प्लॉयमेंट एक्सचेंज ऑफिस का काम और ITI का स्टेटस।

इंफ्रास्ट्रक्चर:

गुजरात इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट बोर्ड (GIDB)।

बिजली: पारंपरिक और गैर-पारंपरिक (हवा और सोलर एनर्जी) बिजली की इंस्टॉल्ड कैपेसिटी, प्रोडक्शन और खपत।

ट्रांसपोर्ट: रेलवे लाइनों की लंबाई, सड़कों का डेवलपमेंट, मोटर गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन और गुजरात स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (GSRTC) की प्रोग्रेस।

सिविल एविएशन और पोर्ट्स: एयरपोर्ट्स से पैसेंजर मूवमेंट और पोर्ट्स से कार्गो हैंडलिंग का स्टेटस।

पानी की सप्लाई, पोस्ट-कम्युनिकेशन और बैंकिंग सुविधाएं: बैंक ब्रांच और क्रेडिट का स्टेटस।

सोशल सेक्टर:
ह्यूमन डेवलपमेंट और एजुकेशन (प्राइमरी, सेकेंडरी, हायर और टेक्निकल एजुकेशन)।
हेल्थ और फैमिली वेलफेयर (मेडिकल इंस्टीट्यूशन, वैक्सीनेशन और मैटरनिटी सर्विस)।
महिला और बाल डेवलपमेंट, अर्बन डेवलपमेंट, रूरल डेवलपमेंट और ट्राइबल डेवलपमेंट।
अनुसूचित जातियां, विकासशील जनजातियों का वेलफेयर और सोशल सिक्योरिटी।
अन्य सेक्टर:
साइंस और टेक्नोलॉजी (सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स इकोसिस्टम)।
पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम (PDS) और पब्लिक फाइनेंस (स्टेट बजटरी पोजीशन)।
प्राइस इंडेक्स (CPI/WPI) और डिजास्टर मैनेजमेंट (GSDMA) और टूरिज्म।—3. मुख्य इकोनॉमिक और सोशल हाइलाइट्स (मुख्य निष्कर्ष)A. इंडियन इकोनॉमी:
ग्लोबल स्टेज पर इंडिया: IMF रिपोर्ट (अप्रैल-2025) के अनुसार, इंडिया 4.18 ट्रिलियन USD की GDP के साथ जापान को पीछे छोड़ते हुए दुनिया की चौथी सबसे बड़ी इकोनॉमी बन गया है। भारत की GDP 2030 तक 7.3 ट्रिलियन USD तक पहुंचने का अनुमान है। ग्रोथ रेट: नेशनल स्टैटिस्टिकल ऑफिस (NSO) के अनुसार, फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के दौरान भारत की रियल GDP ग्रोथ रेट 7.4 परसेंट रहने का अनुमान है। फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट (FDI): फाइनेंशियल ईयर 2013-14 में भारत में FDI इनफ्लो 36.05 बिलियन USD था, जो 2024-25 में बढ़कर 80.62 बिलियन USD हो गया है। जिसमें सर्विसेज सेक्टर 19% शेयर के साथ पहले नंबर पर है। ह्यूमन डेवलपमेंट और इनोवेशन: भारत का ह्यूमन डेवलपमेंट इंडेक्स (HDI) वैल्यू 2025 में 0.676 से बढ़कर 0.685 (130वीं पोजीशन) हो गया है। ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स (GII) 2025 में भारत 38वीं रैंक पर है। डेमोग्राफिक डिविडेंड (यूथ डिविडेंड): भारत की 65% से ज़्यादा आबादी 35 साल से कम उम्र की है और एवरेज उम्र 28 साल है, जो चीन (38 साल) और जापान (48 साल) से बहुत कम है। B. गुजरात की इकॉनमी: देश के डेवलपमेंट में कंट्रीब्यूशन: गुजरात देश के टोटल ज्योग्राफिकल एरिया का 6% और पॉपुलेशन का लगभग 5% हिस्सा है, लेकिन यह नेशनल इकॉनमी में 8.2% का बड़ा कंट्रीब्यूशन देता है। यह देश की सबसे तेज़ी से बढ़ती इकॉनमी में से एक है। कार्गो हैंडलिंग (पोर्ट्स): गुजरात ने साल 2024-25 के दौरान टोटल 637.84 मिलियन टन कार्गो हैंडल किया। भारत के प्रमुख बंदरगाहों की कुल कार्गो हैंडलिंग में गुजरात की हिस्सेदारी 17.59% है। जीएसटी संग्रह: राज्य ने रु। 1,36,748.00 करोड़ का जीएसटी संग्रह दर्ज किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 11,579 करोड़ रुपये अधिक है। पशुपालन क्षेत्र: पशुपालन उद्योग में, गुजरात भारत में ऊन उत्पादन में दूसरे और दूध उत्पादन में चौथे स्थान पर है।—4. सामाजिक कल्याण और विकासात्मक प्रमुख योजनाएँ महिला और बाल विकास:
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना 2.0 (पीएमएमवीवाई 2.0): वर्ष 2025-26 (अक्टूबर-2025 तक) में, 3.10 लाख से अधिक लाभार्थी माताओं को 93.80 करोड़ रुपये का प्रत्यक्ष वित्तीय लाभ प्रदान किया गया है।
पी.एम. जन आरोग्य योजना – मुख्यमंत्री अमृतम (पीएमजेएवाई-एमए): यह सुनिश्चित करने के लिए कि गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा उपचार मिले, इस योजना के तहत 10 लाख रुपये तक का फ्री हेल्थ कवर दिया जाता है। रूरल हाउसिंग (PM-JANMAN): इस स्कीम के तहत खास तौर पर कमजोर आदिवासी ग्रुप (PVTG) के लिए घर मंजूर किए जाते हैं, जिसमें 2024-25 के स्पिल ओवर टारगेट में से करीब 3,129 घर पूरे हो चुके हैं।

सोशल सिक्योरिटी (वृद्धा सहाय योजना): राज्य के बेसहारा बुजुर्गों (60 से 79 साल के) को हर महीने 1000 रुपये और 80 साल से ज़्यादा उम्र के बुजुर्गों को हर महीने 1250 रुपये की मदद DBT (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के ज़रिए सीधे बैंक अकाउंट में जमा की जाती है।

पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन और मदद:

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना और PNG/LPG मदद: गरीब परिवारों की महिलाओं को खाना पकाने के धुएं से छुटकारा दिलाने के लिए अब तक 43 लाख से ज़्यादा गैस कनेक्शन दिए जा चुके हैं और राज्य सरकार साल में दो LPG सिलेंडर फ्री में भरवाती है।—5. साइंस और टेक्नोलॉजी के फील्ड में नई पहल: सरकार ने राज्य को सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में ग्लोबल हब बनाने के लिए “गुजरात स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स मिशन (GSEM)” बनाया है, जो इस सेक्टर में बड़े इन्वेस्टमेंट और रोज़गार लाने के लिए अच्छा माहौल देता है। (नोट: रिपोर्ट के बाकी हिस्सों में इन सभी चैप्टर की डिटेल्ड टेबल, ज़िले के हिसाब से स्टैटिस्टिक्स और कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) जैसी स्टैटिस्टिकल डेटा शीट शामिल हैं।) क्योंकि यह रिपोर्ट (सोशियो-इकोनॉमिक रिव्यू, 2025-2026) बहुत डिटेल्ड और बड़ी है, इसलिए मेन स्ट्रक्चर और खास मुद्दों को पिछले जवाब में कवर किया गया है।

PDF में दी गई बाकी सभी डिटेल्ड जानकारी और स्टैटिस्टिक्स चैप्टर-वाइज़ पूरी तरह से शब्दों में इस तरह दिए गए हैं:—पार्ट-1 और पार्ट-21 की बाकी डिटेल्ड डिटेल्स। डेमोग्राफिक्स डिटेल्ड सेक्स रेश्यो: 2011 की जनगणना के अनुसार, गुजरात में हर 1000 पुरुषों पर महिलाओं का रेश्यो 919 है। अगर ग्रामीण इलाकों की बात करें तो यह 949 और शहरी इलाकों में 880 है।

लिटरेसी रेट: राज्य की एवरेज लिटरेसी रेट 78.03 परसेंट है। जिसमें पुरुषों की लिटरेसी रेट 85.75 परसेंट और महिलाओं की लिटरेसी रेट 70.73 परसेंट है। शहरी इलाकों में लिटरेसी रेट (84.76%) ग्रामीण इलाकों (71.71%) से काफी ज़्यादा … अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST): राज्य में अनुसूचित जाति की आबादी लगभग 6.7 प्रतिशत और अनुसूचित जनजाति (Tribal) की आबादी लगभग 14.8 प्रतिशत है, जो मुख्य रूप से पूर्वी जिलों में केंद्रित है। 2. राज्य सकल घरेलू उत्पाद और आर्थिक विकास (GSDP डीप डाइव) स्थिर और मौजूदा कीमतों पर GDP: साल 2011-12 के बेस ईयर स्थिर कीमतों के आधार पर, राज्य की अर्थव्यवस्था में प्राइमरी सेक्टर (कृषि और संबद्ध), सेकेंडरी सेक्टर (इंडस्ट्रीज़ और मैन्युफैक्चरिंग) और टर्शियरी सेक्टर (सर्विसेज़) की ग्रोथ रेट पॉजिटिव रही है।
सेक्टर-वाइज़ शेयर: गुजरात मैन्युफैक्चरिंग और कंस्ट्रक्शन सेक्टर में देश में सबसे आगे है। सर्विसेज़ सेक्टर में बैंकिंग, इंश्योरेंस, टूरिज्म और IT का शेयर तेज़ी से बढ़ रहा है। 3. एग्रीकल्चर और हॉर्टिकल्चर सेक्टर की दूसरी जानकारी: मुख्य फसलें: राज्य में खरीफ सीजन में मुख्य रूप से कपास, मूंगफली, धान और बाजरा की खेती होती है, जबकि रबी सीजन में गेहूं, जीरा, सरसों और चना मुख्य फसलें हैं। उत्तरी गुजरात और सौराष्ट्र में मूंगफली और कपास का प्रोडक्शन रिकॉर्ड किया गया है। हॉर्टिकल्चर: वलसाड और नवसारी जिलों में आम और चीकू मुख्य फसलें हैं, जबकि आनंद और खेड़ा में केले का प्रोडक्शन सबसे आगे है। कच्छ जिले में खारेक (खजूर) और ड्रैगन फ्रूट (कलम) की खेती में बड़ी बढ़ोतरी हुई है। माइक्रो इरिगेशन: पानी बचाने के लिए किसानों को ‘गुजरात ग्रीन रिवोल्यूशन कंपनी’ (GGRC) के ज़रिए बड़ी सब्सिडी दी जाती है। 4. इंडस्ट्रीज़, MSME और मिनरल रिसोर्स (इंडस्ट्रीज़ एंड मिनरल्स) MSME रजिस्ट्रेशन: ‘उद्यम पोर्टल’ के तहत लाखों माइक्रो, स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइज के रजिस्ट्रेशन से रोज़गार के नए मौके बने हैं। अहमदाबाद, सूरत, राजकोट और जामनगर बड़े इंडस्ट्रियल हब के तौर पर उभरे हैं। मिनरल रिसोर्स: गुजरात लिग्नाइट, बॉक्साइट, फ्लोरस्पार और बेंटोनाइट जैसे मिनरल के प्रोडक्शन में अहम जगह रखता है। इसके अलावा, कंस्ट्रक्शन में इस्तेमाल होने वाली रेत और चूना पत्थर की सेकेंडरी मिनरल के तौर पर बड़े पैमाने पर माइनिंग होती है, जिससे सीमेंट इंडस्ट्री को मदद मिलती है। 5. ट्रांसपोर्ट और पोर्ट (Transport & Ports) रोड इंफ्रास्ट्रक्चर: राज्य में नेशनल हाईवे, स्टेट हाईवे और पंचायत की मालिकी वाली ग्रामीण सड़कों का एक बड़ा नेटवर्क है। मुख्य ज़िला सड़कों को पक्का करने और चौड़ा करने का काम चल रहा है।
कांडला और नॉन-मेजर पोर्ट: कांडला (दीनदयाल पोर्ट) देश का सबसे बड़ा सरकारी पोर्ट है, जबकि मुंद्रा, पिपावाव, दहेज और हजीरा जैसे नॉन-मेजर पोर्ट प्राइवेट और PPP मॉडल के तहत कंटेनर कार्गो हैंडलिंग में रिकॉर्ड तोड़ काम कर रहे हैं। 6. सोशल वेलफेयर और दूसरी स्कीमों की ज़्यादा जानकारी (सोशल वेलफेयर और हेल्थकेयर) स्कूल ड्रॉप-आउट रेट: कन्या केलावनी रथ यात्रा और शाला प्रवेशोत्सव जैसे प्रोग्राम की वजह से प्राइमरी स्कूलों में बच्चों का ड्रॉप-आउट रेट सिंगल डिजिट (बहुत कम) पर आ गया है।

हेल्थ और इंस्टीट्यूशनल डिलीवरी: ‘खिलखिलात ड्रॉप बैक स्कीम’ के तहत, सरकारी अस्पतालों से नए जन्मे बच्चों और मांओं को उनके घर तक मुफ़्त में पहुंचाने का सिस्टम है, जिससे अस्पताल में डिलीवरी का रेट 99 परसेंट से ज़्यादा हो गया है, और मां और बच्चे की मौत की दर में भारी कमी आई है।

महिलाओं का आर्थिक उत्थान (मिशन मंगलम): ‘मिशन मंगलम’ स्कीम के तहत, गांव की महिलाओं को ‘सखी मंडल’ (सेल्फ हेल्प ग्रुप – SHG) में जोड़कर बैंक क्रेडिट दिया जाता है, ताकि वे घरेलू उद्योगों के ज़रिए आत्मनिर्भर बन सकें।—पार्ट-3: सभी स्टैटिस्टिकल शीट का डीप डेटा ब्रेकडाउन PDF के आखिर में दी गई टेबल मुख्य रूप से नीचे दी गई डिटेल्ड जानकारी दिखाती हैं:1. पॉपुलेशन शीट: तालुका-वाइज़ और ज़िले-वाइज़ पॉपुलेशन डिस्ट्रीब्यूशन, सेक्स रेश्यो, अर्बनाइज़ेशन की दर (अहमदाबाद और सूरत ज़िलों में सबसे ज़्यादा शहरी आबादी है) और शारीरिक या मानसिक रूप से विकलांग लोगों के अलग-अलग आँकड़े।
2. खेती और बारिश: पिछले 10 सालों के ज़िले-वाइज़ औसत बारिश के आँकड़े, किस साल ज़्यादा या सूखा बारिश हुई इसका एनालिसिस और मुख्य कैश क्रॉप्स (तिलहन और कपास) की सालाना प्रति हेक्टेयर इनकम।
3. एजुकेशनल स्टैटिस्टिक्स: सरकारी बनाम प्राइवेट स्कूलों की संख्या, हायर एजुकेशन में इंजीनियरिंग, मेडिकल और आर्ट्स/कॉमर्स/साइंस कॉलेजों में सीटों की संख्या और ज़िले-वाइज़ S.S.C. (क्लास 10) और H.S.C. (क्लास 12) पास रिज़ल्ट।
4. प्राइस इंडेक्स: महंगाई दर कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स के आधार पर दिखाई जाती है, जो खाना, कपड़े, फ्यूल और घर जैसी रोज़ाना की ज़रूरतों की कीमतों में बदलाव का मंथली रिकॉर्ड दिखाता है।
5. राज्य का फाइनेंस: राज्य सरकार का अपना टैक्स रेवेन्यू (GST, स्टाम्प ड्यूटी, लैंड रेवेन्यू, गाड़ी का टैक्स) और केंद्र सरकार से मिलने वाले ग्रांट और टैक्स शेयरराज्य की साल-वार फाइनेंशियल स्थिति। यह राज्य के बजटीय घाटे या सरप्लस और पब्लिक डेब्ट को भी साफ करता है। इस तरह, यह डॉक्यूमेंट गुजरात राज्य की आर्थिक तरक्की और नागरिकों की सोशल वेलफेयर के लिए सरकार की सभी कोशिशों का एक पूरा स्टैटिस्टिकल आईना दिखाता है। मुख्य चैप्टर्स और खास आंकड़ों की आउटलाइन पिछले जवाबों में दी गई थी। “सोशियो-इकोनॉमिक रिव्यू, 2025-2026” रिपोर्ट के आधार पर जो बातें रह गईं, उनकी पूरी, डिटेल्ड और डिटेल्ड स्टैटिस्टिकल डिटेल्स नीचे दिए गए चैप्टर-वाइज़ शब्दों में दी गई हैं: 1. इकोनॉमिक ग्रोथ और इकोनॉमी का ओवरव्यू (एक्सटेंडेड स्टैटिस्टिक्स)
ग्लोबल नजरिए में भारत: IMF रिपोर्ट के मुताबिक, भारत 4.18 ट्रिलियन USD की GDP के साथ चौथे नंबर पर है। वर्ल्ड बैंक की जनवरी 2026 की ग्लोबल इकोनॉमिक प्रॉस्पेक्ट्स रिपोर्ट के मुताबिक, मजबूत घरेलू डिमांड और टैक्स सुधारों की वजह से फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए भारत की ग्रोथ रेट 7.2 परसेंट रहने का अनुमान है। हालांकि, भारत दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ने वाली बड़ी इकॉनमी बना रहेगा, हालांकि 2026-27 में इसके घटकर 6.5% होने की संभावना है। NSO और MoSPI के अनुसार, 202 vapor-26 के लिए रियल GDP ग्रोथ रेट 7.4% और नॉमिनल GDP ग्रोथ रेट 8.0% रहने का अनुमान है। डेमोग्राफिक डिविडेंड: U.S. सेंसस ब्यूरो के अनुसार, 2025 में भारत की आबादी 1.46 बिलियन से ज़्यादा होने का अनुमान है, जो ग्लोबल आबादी का 18% से ज़्यादा है। भारत की 65% से ज़्यादा आबादी 35 साल से कम उम्र की है और मीडियन उम्र 28 साल है। UNFPA के अनुसार, भारत 2055 तक दुनिया के सबसे युवा देशों में से एक बना रहेगा। ह्यूमन डेवलपमेंट और सोशल इंडिकेटर: ह्यूमन डेवलपमेंट रिपोर्ट (HDR) 2025 के अनुसार, भारत 193 देशों में 130वें स्थान पर है। भारत की HDI वैल्यू 0.676 से बढ़कर 0.685 हो गई है, जो शिक्षा, जीवन प्रत्याशा और आय में प्रगति को दिखाती है। भारत ने सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स (SDG) इंडेक्स 2025 में पहली बार ग्लोबल टॉप-100 में जगह बनाई है, जो 167 देशों में से 99वीं रैंकिंग पर है। नेटवर्क रेडीनेस इंडेक्स (NRI) 2024 में भारत ने काफी सुधार किया है, जो 49वीं रैंकिंग पर है। फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट (FDI): फाइनेंशियल ईयर 2024-25 में, भारत को कुल USD 80.62 बिलियन का फॉरेन इन्वेस्टमेंट मिला, जो पिछले साल के USD 71.28 बिलियन से 14% ज़्यादा है। सर्विस सेक्टर 19% शेयर के साथ पहले स्थान पर है और कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर सेक्टर 16% शेयर के साथ दूसरे स्थान पर है। 2. आबादी और भौगोलिक स्थिति (पॉपुलेशन)
जनगणना 2011 के आंकड़े: 2011 की जनगणना के अनुसार, गुजरात की कुल आबादी 6.04 करोड़ थी, जिसमें ग्रामीण आबादी 3.46 करोड़ और शहरी आबादी 2.5 करोड़ थी। पिछले दशक में, ग्रामीण आबादी में 29.54 लाख और शहरी आबादी में 68.15 लाख की बढ़ोतरी हुई है। देश में स्थिति: देश के राज्यों में, गुजरात आबादी के मामले में 10वें और जनसंख्या घनत्व (केंद्र शासित प्रदेशों को छोड़कर) के मामले में 14वें स्थान पर है। गुजरात देश के कुल भौगोलिक क्षेत्र का 5.97 प्रतिशत हिस्सा घेरता है। 3. कृषि और संबद्ध क्षेत्र
अटल भूजल योजना: इस योजना के तहत, गुजरात के 6 जिलों (बनासकांठा, गांधीनगर, कच्छ, मेहसाणा, पाटन और साबरकांठा) के 36 तालुका और 1,873 ग्राम पंचायतों को कवर किया गया है। 21वीं पशुधन जनगणना: भारत सरकार के पशुपालन और डेयरी विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुसार, गुजरात राज्य में हाल ही में 21वीं पशुधन जनगणना पूरी हुई है और डेटा वेरिफिकेशन की प्रक्रिया अभी चल रही है। पर्यावरण और हवा की क्वालिटी: गुजरात प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड राज्य के बड़े शहरों और इंडस्ट्रियल एस्टेट के आसपास हवा की क्वालिटी पर नज़र रखता है। इसके लिए ग्लोबल एनवायर्नमेंटल मॉनिटरिंग सिस्टम (GEMS) और इंडियन नेशनल एक्वेटिक रिसोर्स सिस्टम (MINARS) की मॉनिटरिंग जैसे प्रोजेक्ट्स के तहत पानी और हवा की क्वालिटी की जांच की जाती है। 4. उद्योग, कुटीर उद्योग और रोज़गार (इंडस्ट्रीज़ एंड एम्प्लॉयमेंट) खादी और ग्रामोद्योग बोर्ड: खादी सेक्टर राज्य में बड़े पैमाने पर रोज़गार देता है। तय समय के दौरान, ग्रामोद्योग सेक्टर में 19,528.46 लाख रुपये की खादी बेचकर 13,120 लोगों को और 11,958.11 लाख रुपये की खादी बेचकर 5,154 लोगों को रोज़गार दिया गया है। गुजरात पॉटरी आर्टिस्ट्स एंड रूरल टेक्नोलॉजी इंस्टीट्यूट: राज्य के युवाओं को सेल्फ-एम्प्लॉयमेंट देने के मकसद से यह इंस्टीट्यूट 10 अलग-अलग ट्रेड्स के तहत शॉर्ट-टर्म ट्रेनिंग प्रोग्राम चलाता है। साल 2024-25 में 7,050 के टारगेट के मुकाबले 7,196 बेनिफिशियरी को ट्रेनिंग दी गई। जबकि साल 2025-26 (अक्टूबर-2025 तक) में 7,100.5 के टारगेट के मुकाबले ट्रेनिंग का काम चल रहा है। इंफ्रास्ट्रक्चर और एनर्जी
एग्रीकल्चरल पावर लाइन इम्प्रूवमेंट: एग्रीकल्चरल फीडर के मौजूदा पुराने और खराब पावर वायर और दूसरे इक्विपमेंट को बदलकर कंज्यूमर्स को क्वालिटी पावर सप्लाई देने के लिए एक फीडर डिविजन स्कीम चल रही है। साल 20-25 में 75.47 करोड़ रुपये की लागत से 4,661 km पावर वायर बदले गए और 307 एग्रीकल्चरल फीडर को बांटा गया। जबकि साल 2025-26 (31 अक्टूबर-2025 तक) में 41.24 करोड़ रुपये की लागत से 1,919 km बिजली के तार बदले गए और 154 खेती के फीडर पूरे किए गए। सोलर रूफटॉप स्कीम (सूर्या-गुजरात): यह स्कीम 5 अगस्त 2019 से घरों में बिजली इस्तेमाल करने वालों के बीच सोलर एनर्जी के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए लागू की गई है। साल 2023-24 के दौरान सोलर एनर्जी की इंस्टॉल्ड कैपेसिटी 565.93 MW थी। 6. सोशल वेलफेयर और महिला एवं बाल विकास (सोशल सेक्टर)
फ्री टेक्स्टबुक स्कीम: डिस्ट्रिक्ट एजुकेशन कमेटी और टाउन प्राइमरी एजुकेशनक्षण समिति द्वारा चलाए जा रहे स्कूलों के सभी बच्चों को एकेडमिक सेशन की शुरुआत में मुफ़्त टेक्स्टबुक दी जाती हैं। साल 2024-25 में, लगभग 53.37 लाख स्टूडेंट्स को 17,872.00 लाख रुपये की लागत से कवर किया गया। साल 2025-26 में, 250.00 लाख रुपये के स्पेशल बजट प्रोविज़न के साथ 54.83 लाख स्टूडेंट्स को कवर करने का प्लान है। बीमारी कंट्रोल और हेल्थ: राज्य में ‘एपिडेमिक कंट्रोल प्रोग्राम’ के तहत पानी से फैलने वाली (डायरिया, उल्टी, पीलिया, हैजा), क्रीमियन कांगो हेमोरेजिक फीवर, जूनोटिक (लेप्टोस्पायरोसिस) और हवा से फैलने वाली संक्रामक बीमारियों के कंट्रोल के लिए बड़े पैमाने पर काम किया जा रहा है। प्रधानमंत्री सुरक्षा विवाह अभियान के तहत, हर महीने की 9 तारीख को एक्सपर्ट डॉक्टरों द्वारा गर्भवती माताओं की जांच की जाती है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना 2.0 (PMMVY 2.0): साल 2024-25 के दौरान, 6,02,039 लाभार्थियों को कुल 180.96 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। साल 2025-26 (अक्टूबर-2025 को खत्म) में, 3,10,924 लाभार्थियों के बैंक अकाउंट में सीधे 93.80 करोड़ रुपये का फायदा दिया गया है। मंगल दिवस और पोषण सुधा का जश्न: आंगनवाड़ियों में तीसरे मंगलवार को ‘अन्न प्राशन और बाल दिवस’ और चौथे मंगलवार को ‘अन्न वितरण और पूर्णा दिवस’ मनाया जाता है। इसके लिए साल 2025-26 में 31.84 करोड़ रुपये का बजट प्रोविजन है। दिसंबर-2025 तक, राज्य भर में 1,04,601 मंगल दिवसों के जश्न में 17,99,277 लाभार्थियों ने हिस्सा लिया है। ‘पोषण सुधा योजना’ के तहत, साल 2024-25 में 93.80 करोड़ रुपये का पेमेंट किया गया है। 128.98 लाख रुपये के प्रोविज़न के मुकाबले, 1.53 लाख आदिवासी महिलाओं को 113.82 करोड़ रुपये की लागत से गरम पौष्टिक खाना दिया गया। साल 2025-26 के लिए 89.65 करोड़ रुपये के प्रोविज़न के मुकाबले, 13 जनवरी, 2026 तक 45.40 करोड़ रुपये की लागत से 1.02 लाख महिलाओं को फायदा हुआ है। ट्राइबल हाउसिंग (PM-जनमन योजना): PM-जनमन योजना के तहत, साल 2024-25 में कमज़ोर ट्राइबल ग्रुप के लिए 12,489 घरों का टारगेट था, जिसमें से स्पिलओवर मिलाकर 3,129 घर पूरे हुए और 163.99 करोड़ रुपये के प्रोविज़न के मुकाबले 11.05 करोड़ रुपये खर्च हुए। साल 2025-26 में, 20 नवंबर, 2025 तक, 9,360 पेंडिंग घरों में से 3,198 घर पूरे हो चुके हैं और 6,162 पर काम चल रहा है।
कन्या लग्न सहाय योजना: सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों के परिवारों को हर दुल्हन को 12,000 रुपये की मदद दी जाती है। शर्त के मुताबिक, शादी के समय दुल्हन की उम्र 18 साल से कम नहीं होनी चाहिए और दूल्हे की उम्र 21 साल से कम नहीं होनी चाहिए और सालाना इनकम लिमिट 10,000 रुपये होनी चाहिए। 6.00 लाख रुपये। वर्ष 2024-25 में 10,770 लाभार्थियों को रु. 1,291.41 लाख तथा वर्ष 2025-26 (अक्टूबर-2025 तक) में 6,46 लाभार्थियों को रु. 775.63 लाख की लागत से सहायता का भुगतान किया जा चुका है। सरस्वती साधना योजना: कक्षा-9 में अध्ययनरत अनुसूचित जाति की बालिकाओं के स्कूल छोड़ने की दर को कम करने एवं स्कूल जाने के लिए निःशुल्क साइकिल प्रदान की जाती है, जिसमें वार्षिक आय सीमा रु. 6.00 लाख निर्धारित की गई है। 7. सार्वजनिक वितरण एवं आपदा प्रबंधन (अन्य क्षेत्र) प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना: इस योजना के अंतर्गत अब तक राज्य की 43 लाख से अधिक गरीब महिलाओं को निःशुल्क गैस कनेक्शन प्रदान किए जा चुके हैं। विकेन्द्रित जिला योजना एवं विवेकाधीन अनुदान: कुल 10 लाख रुपये का प्रावधान वित्तीय वर्ष 2025-26 में जिलों के संतुलित विकास हेतु विकेन्द्रित जिला योजना के अन्तर्गत 1,308.50 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। स्थानीय आवश्यकता के लघु एवं छूटी हुई कड़ी कार्यों हेतु ‘विवेकाधीन प्रावधान’ के अन्तर्गत जिला योजना बोर्ड को 15 प्रतिशत प्रत्यक्ष अनुदान आवंटित किया जाता है, जिसके प्रस्ताव तालुका योजना समिति द्वारा तैयार किए जाते हैं। जिला आपातकालीन संचालन केन्द्र (डीईओसी): राज्य के सभी 33 जिलों में डीईओसी कार्यरत हैं। प्रशासनिक स्वीकृति प्राप्त होने के पश्चात हाल ही में गठित जिला मुख्यालयों (जैसे वाव-थराद) पर नवीन आपातकालीन संचालन केन्द्रों के निर्माण की अनुमति दी गई है।8. बजटीय एवं वित्तीय स्थिति (राज्य वित्त) सांख्यिकी पत्रक 16.1 के अनुसार राज्य की समग्र सामान्य बजटीय स्थिति (करोड़ रुपये में) निम्नानुसार है: 2,18,554.38 करोड़। ये सभी आंकड़े और डिटेल्स दिखाते हैं कि राज्य सोशल सिक्योरिटी, इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट और इकोनॉमिक ग्रोथ के रास्ते पर बैलेंस्ड तरीके से आगे बढ़ रहा है। (गुजराती से गूगल अऩुवाद, विवाद पर मूल रिपोर्ट देंखे)