गुजरात – तेल के कुओं से 10 लाख करोड़ का कच्चा तेल गुम

पेट्रोल बचाने की सलाह लेकिन मोदी का भारी खर्च

दिलीप पटेल
अहमदाबाद, 14 मई, 2026
पहले मोदी ने UPA सरकार पर कई जनविरोधी और यूनियन विरोधी कदमों के लिए कड़ा हमला किया था। लेकिन अब वह उन्हीं पर उतर आए हैं।

पेट्रोल की कीमत

23 मई, 2012 को गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने मनमोहन सिंह सरकार की कड़ी आलोचना की थी और पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी वापस लेने को कहा था।

उस समय पेट्रोल की कीमत 7.50 रुपये प्रति लीटर बढ़ाई गई थी।

ट्विटर पर अपने विचार शेयर करते हुए मोदी ने ट्वीट किया, “पेट्रोल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी कांग्रेस की UPA की नाकामी का सबसे बड़ा उदाहरण है। इससे गुजरात को सैकड़ों करोड़ का नुकसान होगा। पार्लियामेंट सेशन खत्म होने के एक दिन बाद पेट्रोल की कीमतों में की गई बढ़ोतरी पार्लियामेंट की गरिमा पर एक बड़ा ठेस है। लोग इसके लिए सरकार को माफ नहीं करेंगे।

गैस-पेट्रोलियम एक नेशनल एसेट है

GSPC ने अप्रैल 2003 में दक्षिण में KG बेसिन-ब्लॉक में 20 TCF पेट्रोलियम रिज़र्व खोजे।

इस कुएं में भारत का सबसे ऊंचा गैस कुआं मिला है।

उन्होंने गुजरात के पेट्रोलियम एनर्जी में भारत को आत्मनिर्भर बनाने की बात की।

KG बेसिन में पेट्रोलियम गैस रिज़र्व का अनुमान मौजूदा मार्केट प्राइस पर 4 लाख करोड़ रुपये है।

अगर सच में तेल मिल जाता, तो उस तेल और गैस की कीमत आज 10 लाख करोड़ होती।

तेल 2008 में आना शुरू हो जाना था। आज तक नहीं मिला है।

गुजरात के 21 हजार करोड़ रुपये इस्तेमाल किया गया है।

मोदी ने कहा कि आंध्र प्रदेश, असम, केरल, महाराष्ट्र, राजस्थान, जो कांग्रेस शासित राज्य हैं और पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश (UPA सहयोगी), में पेट्रोल पर VAT रेट गुजरात के रेट से ज़्यादा है। आंध्र प्रदेश, असम, केरल और राजस्थान में LPG और केरोसीन पर 4% VAT लगता है जबकि गुजरात में यह ‘NIL’ है।

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उन्होंने अचल संपत्ति के ट्रांसफर पर TDS लगाने के कदम की भी कड़ी निंदा की है।

उन्होंने केंद्र के आतंकवाद विरोधी कानून में बदलाव का विरोध किया था। (गुजराती से गूगल अनुवाद, मूल रिपोर्ट देंखे)