कैदी सुधार और कल्याण के तहत वडोदरा सेंट्रल जेल द्वारा नई पहल की जा रही है हाल ही में जेल के पीछे स्थित जेल के स्वामित्व वाले इलाके में सिंचाई की सुविधा शुरू की गई थी, जिसका इस्तेमाल सिंचाई के लिए किया जाता है, ताकि पानी बचाने और जमीन को बेहतर बनाया जा सके । अब आगे कदम बढ़ाते हुए जैविक खेती शुरू कर दी गई है।

जानकारी देते हुए जेल अधीक्षक बलदेव वाघेला ने बताया कि जेल वाड़ी में बड़ी संख्या में पौधों से पैदा होने वाले सूखे जैविक कचरे को एकत्रित किया जाता है। इसे छाछ और जैविक उर्वरक के मिश्रण से बनाया जा रहा है। इस प्रकार कचरे के निस्तारण को आसान बना दिया गया है और कचरे को कचरे की तरह उर्वरक के रूप में बनाया जा रहा है। इसके अलावा कचरे को गोमूत्र, गोल, छाछ और आटे के साथ जोड़कर तरल जैविक खाद बनाई जाती है जो कृषि को पौष्टिक होगा ।

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